इटावा: प्रेम प्रसंग में बहन के भाई ने प्रेमी की हत्या, CRPF जवान ने पहले किया अपहरण, शव के टुकड़े कर रेलवे ट्रैक पर फेंका

इटावा (उत्तर प्रदेश): इटावा जिले में 25 वर्षीय छात्र मनीष यादव की हत्या के मामले में पुलिस जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। भरथना थाना क्षेत्र के नगला बंधा गांव निवासी मनीष का शव 20 फरवरी को इकदिल थाना क्षेत्र के ग्राम चितभवन के पास डीएफसी रेलवे ट्रैक पर बोरे में बंद मिला था।

18 फरवरी से लापता था छात्र
मनीष 18 फरवरी को कोचिंग जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसी शाम गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने तलाश शुरू की, जिसके बाद 20 फरवरी को डीएफसी रेलवे ट्रैक के पास बोरे में बंद शव बरामद हुआ।
पोस्टमार्टम और दोबारा जांच
शव की पहचान होने के बाद पोस्टमार्टम कराया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए Saifai Medical University के तीन डॉक्टरों के पैनल ने दोबारा पोस्टमार्टम और डिजिटल एक्स-रे किया।सूत्रों के मुताबिक, दोबारा मेडिकल जांच इसलिए कराई गई ताकि मौत के सही कारण और हत्या की परिस्थितियों का स्पष्ट पता चल सके।
पुलिस जांच में क्या सामने आया?
- शव बोरे में बंद मिला, जिससे हत्या की आशंका मजबूत हुई।डीएफसी रेलवे ट्रैक के पास शव फेंका गया था, जिससे साक्ष्य मिटाने की कोशिश का संकेत मिलता है।कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं।पुलिस संदिग्धों से पूछताछ कर रही है।
परिवार का आरोप
परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। उनका कहना है कि मनीष की किसी से दुश्मनी नहीं थी और वह नियमित रूप से कोचिंग जाता था।
आगे की कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल एक्स-रे की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
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