कानपुर देहात : चकबंदी प्रक्रियाधीन गांवों के लिए ग्राम चौपालों का आयोजन, किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान

कानपुर देहात के भोगनीपुर तहसील के चकबंदी प्रक्रियाधीन गांवों में किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए ग्राम चौपालों का आयोजन किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के चकबंदी आयुक्त के निर्देश पर यह कार्यक्रम 22 से 27 फरवरी, 2026 तक विभिन्न गांवों में आयोजित किए जाएंगे।

कार्यक्रम का उद्देश्य
अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) एवं उप संचालक चकबंदी, दिग्विजय सिंह ने बताया कि ग्राम चौपालों का उद्देश्य किसानों की शिकायतों का मौके पर ही समाधान करना है। कार्यक्रम से पहले गांवों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा सकें।
ग्राम चौपालों का शेड्यूल
उप संचालक चकबंदी की चौपालें:
- ग्राम छतेनी: 25 फरवरी, 2026, दोपहर 1 बजे
- ग्राम अकोढी: 26 फरवरी, 2026, दोपहर 3 बजे
बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी की चौपालें:
- ग्राम छतेनी: 25 फरवरी, 2026, दोपहर 1 बजे
- ग्राम थनवापुर: 26 फरवरी, 2026, दोपहर 3 बजे
चकबंदी अधिकारी अकबरपुर की चौपालें:
- ग्राम गौरीकरन: 27 फरवरी, 2026, दोपहर 12 बजे
- ग्राम सनायाखेड़ा: 26 फरवरी, 2026, दोपहर 3 बजे
चकबंदी अधिकारी भोगनीपुर की चौपालें:
- ग्राम गुरगांव: 22 फरवरी, 2026, दोपहर 12 बजे
- ग्राम अकोढी: 26 फरवरी, 2026, दोपहर 3 बजे
चकबंदी अधिकारी रसूलाबाद की चौपालें:
- ग्राम गोपालपुर तालुका: 24 फरवरी, 2026, दोपहर 12 बजे
- ग्राम नेला: 26 फरवरी, 2026, दोपहर 3 बजे
चौपालों में उपस्थित अधिकारी
इन चौपालों में लेखपाल, चकबंदीकर्ता और राजस्व/चकबंदी विभाग के संबंधित कर्मचारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। यह व्यवस्था किसानों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
किसानों के लिए लाभ
- तुरंत समाधान: गांव में उपस्थित अधिकारियों से सीधे शिकायत दर्ज कर समाधान पा सकेंगे।
- सरकारी योजनाओं की जानकारी: चकबंदी और जमीन संबंधी योजनाओं के बारे में किसानों को मार्गदर्शन मिलेगा।
- पारदर्शिता: भूमि रिकॉर्ड और दस्तावेज़ों में किसी भी प्रकार की समस्या तुरंत हल होगी।कानपुर देहात में आयोजित होने वाली ये ग्राम चौपालें किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर हैं। यह पहल न केवल जमीन संबंधित समस्याओं का समाधान करेगी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को भी मजबूत करेगी।किसान समुदाय से अनुरोध है कि वे निर्धारित समय पर चौपाल में उपस्थित होकर अपने मुद्दों को अधिकारियों के सामने रखें और इसका पूर्ण लाभ उठाएं।
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