​मैनपुरी: अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, 12 चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ 3 शातिर गिरफ्तार

✍️By: Nation Now Samachar Desk
मैनपुरी अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, 12 चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ 3 शातिर गिरफ्तार,,,,

मैनपुरी से राजमोहन सिंह की रिपोर्ट ​मैनपुरी : उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना बिछवां पुलिस और ए.वी.टी. (Anti-Vehicle Theft) टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो विभिन्न जनपदों से मोटरसाइकिलें चोरी कर बेचने का काम करते थे।

​झाड़ियों में छिपाई थीं चोरी की बाइकें

​पुलिस अधीक्षक मैनपुरी के निर्देशन में चलाए गए इस ऑपरेशन के दौरान, मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने सुल्तानगंज बिजलीघर के सामने कीकड़ की झाड़ियों में घेराबंदी की। वहां से पुलिस ने 12 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कीं। इसके साथ ही अभियुक्तों के पास से तलाशी के दौरान 3030 रुपये नकद भी बरामद हुए हैं।

​गिरफ्तार आरोपियों का विवरण

​पुलिस द्वारा पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान उनके नाम और पते के साथ इस प्रकार है:
​ब्रजेश कुमार: पुत्र जीवाराम, निवासी नगला जीसुख, थाना बिछवां, जनपद मैनपुरी (उम्र करीब 46 वर्ष)।
​विकास चौहान: पुत्र बलजीत सिंह, निवासी ब्लॉक नं. 26 आसरा कॉलोनी, इटावा रोड, थाना कोतवाली, जनपद मैनपुरी (उम्र करीब 22 वर्ष)।​कौशलेन्द्र उर्फ सुशांक: पुत्र विनोद कुमार, निवासी विलासनगर, थाना औंछा, जनपद मैनपुरी (उम्र करीब 26 वर्ष)।

​लंबा है आपराधिक इतिहास

​पुलिस जांच में सामने आया कि पकड़े गए आरोपी आदतन अपराधी हैं। मुख्य अभियुक्त ब्रजेश कुमार पर मैनपुरी और कासगंज के विभिन्न थानों में करीब 9 गंभीर मामले दर्ज हैं। वहीं, विकास चौहान पर भी लूट और चोरी के 5 मुकदमे दर्ज हैं। ये आरोपी सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस के रडार पर थे।

​सराहनीय कार्य करने वाली टीम

​इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम का नेतृत्व निरीक्षक जितेंद्र सिंह चंदेल (प्रभारी निरीक्षक थाना बिछवां व सर्विलांस टीम) ने किया। टीम में ए.वी.टी. प्रभारी महेन्द्र प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार, उपनिरीक्षक चरन सिंह और अन्य मुख्य आरक्षी व आरक्षी शामिल रहे।​पुलिस ने सभी अभियुक्तों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं (BNS) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह की गिरफ्तारी से क्षेत्र में वाहन चोरी की घटनाओं में बड़ी कमी आएगी।

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