सिद्धार्थनगर : पानी की टंकी की सीढ़ी टूटी, 1 बच्चे की मौत; 15 घंटे बाद हेलिकॉप्टर से 2 किशोरों का रेस्क्यू

✍️By: Nation Now Samachar Desk
सिद्धार्थनगर : पानी की टंकी की सीढ़ी टूटी, 1 बच्चे की मौत; 15 घंटे बाद हेलिकॉप्टर से 2 किशोरों का रेस्क्यू

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से एक बेहद दर्दनाक और गंभीर हादसे की खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। शनिवार को कांशीराम आवास क्षेत्र में स्थित पानी की टंकी पर हुआ यह हादसा कई परिवारों के लिए भारी संकट लेकर आया।

जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 2 बजे पानी की टंकी की सीढ़ी अचानक टूटकर गिर गई। उस समय टंकी पर कुल पांच बच्चे मौजूद थे। सीढ़ी टूटने के बाद अफरा-तफरी मच गई और तीन बच्चे नीचे गिर गए। इस दर्दनाक हादसे में एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।हादसे के बाद दो किशोर टंकी के ऊपरी हिस्से में ही फंस गए, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।

— NATION NOW समाचार (@nnstvlive) May 3, 2026

शाम करीब 6 बजे एसआई कामरान के नेतृत्व में गोरखपुर से 20 सदस्यीय एसडीआरएफ टीम मौके पर पहुंची। टीम ने भारी उपकरणों के साथ रेस्क्यू की कोशिश शुरू की, लेकिन टंकी तक पहुंचने के लिए रास्ता बेहद खराब और असुरक्षित होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। भौगोलिक परिस्थितियों ने बचाव कार्य को और मुश्किल बना दिया।इसी दौरान मौसम ने भी चुनौती बढ़ा दी और हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई, जिससे रात के समय चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन और भी कठिन हो गया। बावजूद इसके, टीम लगातार प्रयास करती रही और नीचे मौजूद लोगों ने भी बच्चों का हौसला बनाए रखने में मदद की।

टंकी पर फंसे दोनों किशोर—किशन और पवन—करीब 15 घंटे से अधिक समय तक वहां फंसे रहे। इस दौरान उनके परिजन नीचे बेसब्री से उनकी सलामती की दुआ करते रहे और पूरी रात घटनास्थल पर ही डटे रहे।प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रविवार सुबह करीब 5 बजे सेना के हेलिकॉप्टर की मदद लेने का फैसला किया। इसके बाद गोरखपुर से हेलिकॉप्टर घटनास्थल पर पहुंचा और रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।

हेलिकॉप्टर की मदद से एक-एक कर दोनों किशोरों को सुरक्षित नीचे उतारा गया। यह ऑपरेशन करीब 15 मिनट में सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया, जिससे प्रशासन और राहत दल को बड़ी सफलता मिली।इस बीच, बच्चों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए प्रशासन ने ड्रोन तकनीक का भी सहारा लिया। रास्ता न होने के कारण टीम ऊपर नहीं पहुंच सकी, तो ड्रोन के माध्यम से रस्सी टंकी तक भेजी गई। बच्चों ने रस्सी पकड़कर नीचे से भेजी गई बोतलें, बिस्किट और खाना प्राप्त किया, जिससे उन्हें काफी राहत मिली।पूरे हादसे के दौरान परिजन बेहद परेशान और भावुक नजर आए। रातभर उन्होंने अपनों की सलामती के लिए प्रार्थना की। जैसे ही दोनों किशोर सुरक्षित नीचे आए, परिजनों ने राहत की सांस ली और प्रशासन की तत्परता की सराहना की।

उत्तर प्रदेश से और खबरें