यूपी में विधायकों के फोन न उठाने वाले अफसरों पर सख्त रुख, स्पीकर सतीश महाना ने दिए संकेत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधायकों की फोन कॉल अनसुनी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अब सख्ती के संकेत मिल रहे हैं। सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की ओर से अधिकारियों के ‘अड़ियल’ और ‘असहयोगात्मक’ रवैये पर नाराजगी जताए जाने के बाद विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताया है।

सदन में उठा मुद्दा
उत्तर प्रदेश विधानसभा के सत्र के दौरान कई विधायकों ने शिकायत की कि संबंधित अधिकारी फोन कॉल नहीं उठाते और जनसमस्याओं के समाधान में सहयोग नहीं करते। इस पर सत्ता और विपक्ष दोनों ने एकजुट होकर प्रशासनिक रवैये पर सवाल खड़े किए।
स्पीकर का कड़ा संदेश
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने स्पष्ट किया कि जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संकेत दिए कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।उन्होंने कहा कि अधिकारी यह समझें कि विधायक जनता के प्रतिनिधि हैं और उनकी बात को प्राथमिकता देना प्रशासनिक जिम्मेदारी का हिस्सा है।
जवाबदेही तय करने की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, संबंधित विभागों से जवाब तलब किया जा सकता है और लापरवाही साबित होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी संभव है। इस कदम को प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम माना जा रहा है
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